लखनऊ में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना में बड़ा बदलाव, अब डीपीआर जरूरी होगी

लखनऊ में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना में बड़ा बदलाव, अब डीपीआर जरूरी होगी

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Major change in Chief Minister's Youth Entrepreneur Campaign

लखनऊ। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना के तहत अब उन्हीं युवाओं को ऋण दिया जाएगा जो विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सौंपेगे। अभी तक सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना के तहत संबंधित उद्यम की ऑनलाइन जानकारी देने पर युवाओं को ऋण दिया जाता था।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग ने अब युवाओं के हित में योजना की कमियों को दूर कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की व्यवस्था लागू की है। साथ ही डीपीआर तैयार करने में युवाओं की मदद के लिए विभिन्न उद्यमों के विशेषज्ञों को भी एमएसएमई विभाग ने योजना के साथ संबद्ध किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के पढ़े-लिखे व बेरोजगार युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने के लिए पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर 24 जनवरी को योजना का शुभारंभ किया था। योजना के तहत अपना उद्यम शुरू करने के लिए बिना ब्याज व गारंटी के पांच लाख रुपये तक का ऋण दिए जाने का प्रविधान किया गया है। समय से इसकी अदायगी करने के बाद उद्यम को बढ़ाने के लिए युवा दोबारा भी बिना ब्याज व गारंटी के ऋण ले सकते हैं।

एमएसएमई विभाग ने अब ऋण लेने वाले युवाओं का भौतिक सत्यापन भी शुरू कर दिया है। साथ ही योजना का लाभ लेने के लिए युवाओं को 400 प्रकार के ऑनलाइन बिजनेस आइडिया भी उपलब्ध कराए गए हैं। इन आइडिया के अलावा युवा अपनी मर्जी के क्षेत्रों में भी उद्यम स्थापित कर सकते हैं।

योजना के नोडल अधिकारी सर्वेश्वर शुक्ला ने बताया कि अब आवेदन करने वाले युवाओं से विशेषज्ञ बात कर रहे हैं।विभाग की कोशिश है कि ऋण स्वीकृत करने से पहले संबंधित युवा कम से कम आधा घंटा विभाग की वेबसाइट पर जाकर संबंधित उद्यम के बारे में सारी जानकारी हासिल करे। साथ ही जिस क्षेत्र में युवा उद्यम स्थापित करना चाहता है उस क्षेत्र के मशीनरी आपूर्तिकर्ताओं से भी युुवाओं का संपर्क कराया जा रहा है। फिलहाल 1.69 लाख से अधिक युवाओं को ऋण वितरित किया जा चुका है।